जो लड़की ढंग से बात नहीं कर रही थी वो आज हवा में हाथ हिलाकर ‘हाय’ बोल रही है तो वहीं दूसरे हाथ से गालों पर आ टीकी लटों को कान के पीछे कर रही है
‘अरे शंकर उठ जा वरना आज भी सोने के चक्कर में ब्रेकफास्ट छोड़ेगा तू और दोपहर को मेरे को गाली देगा’- विशाल, होस्टल में मेरी माँ की भूमिका अदा करता है!‘अरे क्या यार तुझे नहीं दिखता क्या, कितना मस्त सपना देख रहा था।फालतू में मूड ऑफ कर दिया इस पराठे के चक्कर में ना जाने… Read More जो लड़की ढंग से बात नहीं कर रही थी वो आज हवा में हाथ हिलाकर ‘हाय’ बोल रही है तो वहीं दूसरे हाथ से गालों पर आ टीकी लटों को कान के पीछे कर रही है